राष्ट्रीय लोक अदालत में 523 मामलों का निपटारा
पीड़ित पक्षकारों को मिली राहत
भंडारा : राष्ट्रीय विधि सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली तथा महाराष्ट्र राज्य विधि सेवा प्राधिकरण मुंबई के निर्देशों के अनुसार 13 दिसंबर को जिला न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत का उद्घाटन एवं अध्यक्षता माननीय प्रमुख जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधि सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष राजेश अस्मार ने की। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में 418 लंबित प्रकरण तथा 105 पूर्व-वाद प्रकरण आपसी समझौते के माध्यम से निपटाए गए। इस प्रकार कुल 523 मामलों का निपटारा किया गया। इस लोक अदालत में जिला की सभी आपराधिक एवं दिवानी अदालतों, पारिवारिक न्यायालय, श्रम न्यायालय तथा औद्योगिक न्यायालयों में लंबित कुल 10 हजार 28 प्रकरण प्रस्तुत किए गए थे। इनमें से 20 मोटर दुर्घटना दावे, 29 एनआई एक्ट प्रकरण, 120 राशि वसूली प्रकरण, 5 पारिवारिक विवाद, 207 समझौता योग्य आपराधिक व अन्य आपराधिक मामले तथा 18 दिवानी मामले सफलतापूर्वक निपटाए गए। लोक अदालत में पैनल प्रमुख के रूप जिला न्यायाधीश – 2 एवं अपर सत्र न्यायाधीश भारती वी. काले, सह दीवानी न्यायाधीश वरिष्ठ स्तर श्रीमती पी. एल. गुप्ता, द्वितीय सह दीवानी न्यायाधीश ए. जी. मस्के, चतुर्थ सह दीवानी न्यायाधीश, वरिष्ठ स्तर जे. आर. घाडगे तथा द्वितीय सह दीवानी न्यायाधीश, कनिष्ठ स्तर एवं न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी वी. वी. वाघमारे ने कार्य किया। पैनल सदस्यों के रूप में अधिवक्ता दैवता कांबले, सोनाली तरारे, विरेंद्र सतदेवे, किरण येवले और नरेंद्र मडावी ने सहयोग किया। राष्ट्रीय लोक अदालत सफल आयोजन के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मिलिंदकुमार विनायक बुराडे ने सभी न्यायिक अधिकारियों, पैनल सदस्यों, अधिवक्ताओं, कर्मचारियों, पुलिस प्रशासन, प्रशासनिक अधिकारियों तथा पक्षकारों के प्रति आभार व्यक्त किया।
दुर्घटनाग्रस्त परिवारों को 2 करोड़ 9 लाख 40 हजार का मुआवजा :
इस लोक अदालत में कुल 22 मोटर दुर्घटना प्रकरण निपटाए गए। इनमें से एक प्रकरण में परिवार के मुखिया की मृत्यु 26 अक्टूबर 2015 को हुई थी। इस मामले का लोक अदालत के माध्यम से निपटारा करते हुए पीड़ित परिवार को 27 लाख का मुआवजा मंजूर किया गया। इस प्रकरण में पीड़ित पक्ष की ओर से अधिवक्ता यू. डी. तिडके तथा बीमा कंपनी की ओर से अधिवक्ता यू. बी. डोंगरे ने पैरवी की। कुल मिलाकर मोटर दुर्घटना मामलों में 2 करोड़ 9 लाख 40 हजार की मुआवजा राशि पीड़ित पक्षकारों को प्रदान की गई। जिससे संबंधित परिवारों को तात्कालिक राहत मिली।

