ईकवल सेटिंग निर्माण में सह सभी का योगदान है – जिलाधीश प्रजित नायर
गोंदिया : महिला के ही अच्छे दिन नहीं होते, बल्कि पुरुषों के भी अपने अच्छे दिन होते है. युवा महिलाएं भी इस आंदोलन में वर्षों से मेहनत कर आगे बढ़ी है. महिलाओं के लिए अच्छा काम करने वाली संस्थाओं का सम्मान किया जा रहा है. यह अच्छी बात है. अच्छे आयडिया देकर यहां तक पहुंचे है. अब असे आगे बढ़ाना है. ईकवल सेटिंग निर्माण में हम सभी का योगदान है. उक्त आशय के विचार जिलाधीश प्रजित नायर ने विश्व महिला दिवस के उपलक्ष्य में नाबार्ड द्वारा जिलाधीश कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष का जश्न कार्यकम में मार्गदर्शन करते हुए व्यक्त किए. मंच पर प्रमुख अतिथि के रूप में जिलाधीश प्रजित नायर, उप जिलाधीश मिनाज मुल्ला, गणेश ग्रामीण विकास शिक्षण संस्था के संस्थापक-सचिव विजय बहेकार, विदर्भ मच्छीमार विशेषज्ञ मनीष राजनकर, बहेकार हॉस्पीटल के संचालक डा. गार्गी बहेकार, राधाबाई नर्सिंग स्कूल की प्राचार्या प्रिया वर्मा आदि उपस्थित थे. अध्यक्षता नाबार्ड के महाप्रबंधक अविनाश लाड ने की. कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के हस्ते अहिल्याबाई होलकर, सावित्रीबाई फुल व मां शारदा के तैलचित्रों पर पुष्पमाला अर्पण व दीप प्रज्वलन कर की गई. प्रस्तावना रखते हुए प्राचार्या प्रिया वर्मा ने बताया कि हर वर्ष में एक बार वूमन डे मनाते है. हमें हर दिन महिलाओं का सम्मान करना चाहिए. जिससे महिला दिवस मनाने की आवश्यकता नही पडेगी. वहीं डा. गार्गी बहेकार ने अपने संबोधन में कहा कि हम 8 मार्च को विश्व महिला दिवस मनाते है. इस बार बडा अवसर मिला है. महिलाओं में स्तन कैंसर तेजी से बढ़ रहा है. भारत में 1 करोड़ 20 लाख महिलाएं कैंसर से पीड़ित है. जिसमें से 80 लाख महिलाओं की मृत्यु हो जाती है. हम बच्चों को अलग-अलग डोज देते है. उसी तरह 28 फरवरी को अजमेर से प्रधानमंत्री मोदी ने 14 वर्ष वाले बच्चों को डोज देने का शुभारंभ किया. 9 से 14 वर्ष वाले बच्चों को यह डोज अवश्य दें. जिससे हर प्रकार के कैंसर से बचा जा सकता है.

इसी तरह उप जिलाधीश मिनाज मुल्ला ने मार्गदर्शन करते हुए कहा कि आजकल सभी स्वायत संस्थाओं में महिलाओं को 50 प्रश. आरक्षण मिला है. सन 2029 में विधानसभा व लोकसभा में महिलाओं को आरक्षण मिलेगा. महिलाएं नर्सिंग के क्षेत्र में ही क्यों है, महिलाएं मरीजों का अधिक ध्यान रखती है. कैंसर से बचाव का डोज अवश्य लें. वाट्सएप युर्निवसिटी का अधिक बोलबाला है. मोबाइल शाप की वरदान इस पर स्कूलों में निबंध की शुरुआत होनी चाहिए. लेवल महिलाएं बच्चों में लगी मोबाइल की लत कम कर सकती है.
नाबार्ड के महाप्रबंधक अविनाश लाड ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र व राज्य सरकार ने सभी उत्कृष्ट कार्य करने वाली संस्थाओं को सम्मानित किया है. यह एक दिन का काम नही है. वसुंधरा व महिलाओं के लिए वर्षभर इन्पावरमेंट करना तथा उन्हें आर्थिक मदद करना है. एक प्लेटफार्म बना है, जिससे दुसरी महिलाओं को सिखने का मौका मिला है.
इस अवसर पर अतिथियों ने भजेपार की सरपंच रुखमिनी ठाकरे, नानव्हा के सरपंच गौरीशंकर बिसेन व उप सरपंच भाग्यश्री कटरे, सारस महिला मत्स्य उत्पन्न गट बोरटोला की सरिता मेश्राम व वीर राजे चिमनाबहादुर आर्ट एंड क्राफ्ट फुलचुर की निशा रहांगडाले व गट की महिलाओं को सम्मानित किया गया.
संचालन श्रीमती रेखा बानेवार ने किया व आभार प्रदर्शन विजय बहेकार ने किया. इस अवसर पर बडी संख्या में बचत गट की महिलाएं व राधाबाई नर्सिंग स्कूल की छात्राएं उपस्थित थी.

