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mahashivratri 2026 : महाशिवरात्री पर्व; जिले में दिखेगा भक्ती का महासंगम

लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना : गायमुख और धुटेरा में उमड़ेगा सैलाब
संवाददाता । तुमसर

mahashivratri 2026 : महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर तुमसर तहसील के सुप्रसिद्ध तीर्थस्थल गायमुख और धुटेरा में भव्य मेले का आयोजन होने जा रहा है. mahashivratri 2026 १५ फरवरी को गायमुख और उसके अगले दिन १६ फरवरी को धुटेरा की पहाड़ियों पर भगवान शिव के दर्शन के लिए महाराष्ट्र के साथ-साथ पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है. गत वर्ष की भांति इस बार भी गायमुख, धुटेरा, राजापुर और नागझिरा गोबरवाही के शिवालयों में भारी भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए तैयारियां तेज कर दी गई हैं. mahashivratri 2026 विदर्भ के नैनीताल के रूप में विख्यात गायमुख एक प्राचीन तीर्थस्थल है, जिसे श्रद्धालु छोटा महादेव के नाम से भी पुकारते हैं. पर्यटन स्थल घोषित होने के बावजूद बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे इस केंद्र का धार्मिक महत्व अत्यंत गहरा है.
पार्वती का हिवर
चोटी पर स्थित प्राकृतिक गुफा, जिसे पार्वती के हिवर कहा जाता है, ग्रेनाइट और सिलिका से निर्मित है. यहाँ पहुंचने के लिए भक्त हाथों में नंदीबेल, हलगी और बासुरी जैसे वाद्ययंत्रों के साथ पीले वस्त्र धारण कर हर-हर महादेव का जयघोष करते हुए निकलते हैं. परंपरा के अनुसार अनेक श्रद्धालु अपने साथ पोहा लेकर यहाँ पहुंचते हैं और प्रसाद ग्रहण करते हैं. वहीं दूसरी ओर, तुमसर-बावनथड़ी मार्ग पर स्थित धुटेरा की पहाड़ियों पर महाशिवरात्रि के दूसरे दिन यानी १६ फरवरी को विशेष मेला आयोजित होगा.
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२०० वर्ष पूर्व शुरू हुई यात्रा
ऐतिहासिक मान्यताओं के अनुसार, नागपुर के राजा रघुजी भोसले और भंडारा के सूबेदार यादवराव पांडे ने करीब २०० वर्ष पूर्व इस यात्रा की शुरुआत की थी. लोककथाओं के अनुसार, प्राचीन काल में यहाँ एक ऋषि ने कठोर तपस्या की थी और भगवान शिव के आशीर्वाद से यहाँ गाय के मुख से गंगा की धारा प्रकट हुई थी, जिसके कारण इसका नाम गायमुख पड़ा. गायमुख की ऊंची पहाड़ी पर स्थित चौर्या गढ़ की यात्रा के दौरान भक्तों को पंचमुखी भोले शंकर, भगवान हनुमान, अम्माबाई और बाबा गोरखनाथ के मंदिरों के दर्शन प्राप्त होते हैं.
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महाशिवरात्रि पर दौड़ेंगी १२९ स्पेशल बसें
भंडारा : जिले के शिवभक्तों के लिए mahashivratri 2026 महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर एसटी महामंडल ने अपनी कमर कस ली है. १४ से १७ फरवरी के दौरान गायमुख, प्रतापगढ़ और आंभोरा जैसे प्रमुख तीर्थस्थलों के लिए यात्रा स्पेशल बसों का विशेष नियोजन किया गया है. इस वर्ष यात्रियों की बढ़ती संख्या और उत्साह को देखते हुए बसों और उनके फेरों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है. पिछले वर्ष २०२५ में कुल १०० बसों का उपयोग किया गया था, जिन्होंने कुल ६७९ फेरे लगाए थे. पिछले साल लगभग ४०,५२४ यात्रियों ने एसटी बसों के माध्यम से अपनी यात्रा पूरी की थी, जिससे महामंडल को १३,७५,२८४ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था.
इस वर्ष प्रशासन ने २९ अतिरिक्त बसें बढ़ाने का निर्णय लिया है. कुल १२९ यात्रा स्पेशल बसें सड़कों पर दौड़ेंगी. महिलाओं को टिकट दर में मिलने वाली ५० प्रतिशत की छूट और वरिष्ठ नागरिकों के लिए लागू रियायतों के कारण इस बार यात्रियों की संख्या में और अधिक इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है. mahashivratri 2026१५ फरवरी को होने वाले मुख्य उत्सव और दो दिवसीय मेले के लिए गायमुख (तुमसर), प्रतापगढ़ (साकोली) और आंभोरा (भंडारा) मागों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है. प्रशासन ने डिपो के अनुसार बसों के फेरों का सटीक वितरण किया है, जिसमें तुमसर से गायमुख के लिए सर्वाधिक २२ फेरे और साकोली से प्रतापगढ़ के लिए १५ फेरे सुनिश्चित किए गए हैं. यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए विभाग नियंत्रकों ने कड़े निर्देश जारी किए हैं. साकोली डिपो मैनेजर को यात्री उपलब्धता के आधार पर नागपुर से प्रतापगढ़ के बीच विशेष फेरे चलाने के लिए कहा गया है. यात्रा की अवधि के दौरान सभी चालक और परिचालकों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं ताकि पर्याप्त जनशक्ति उपलब्ध रहे. साथ ही, प्रत्येक बस पर गंतव्य स्थान का स्पष्ट बोर्ड लगाना अनिवार्य किया गया है. एसटी प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया है कि इस सुव्यवस्थित नियोजन से श्रद्धालुओं को समय पर बस सेवा मिलेगी और उनकी यात्रा सुखद व सुरक्षित रहेगी.

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