nagar parishad election 2025 : ४ नप के चुनाव मैदान में ७०७ उम्मीदवार
अब नगराध्यक्ष के ३८, नगरसेवक पद के लिए ६२९ प्रत्याशी
भंडारा : जिले की ४ नगर परिषद (nagar parishad election 2025) की सामान्य चुनाव प्रक्रिया में नामांकन वापसी की अंतिम तिथि के बाद नगराध्यक्ष पद के ३८ तथा नगरसेवक पद के ६६९ सहित मिलाकर कुल ७०७ उम्मीदवार अंततः चुनावी मैदान में डटे हुए हैं. ४९ प्रभागों की १०० नगरसेवक सीटों और ४ नगराध्यक्ष पदों के लिए अब सभी प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमाने वाले हैं. भंडारा में बहुकोणीय मुकाबला तय : भंडारा नगर परिषद में नगराध्यक्ष पद के सभी ११ उम्मीदवार चुनावी मैदान में कायम हैं. किसी ने भी नामांकन वापस नहीं लिया, जिससे यहां बहुकोनी संघर्ष तय हो गया है. नगरसेवक पद के लिए १५ उम्मीदवारों ने नामांकन वापस लिया, जबकि २३७ उम्मीदवार अब ३५ सीटों के लिए मुकाबला करेंगे. कुल २७२ उम्मीदवारों के साथ भंडारा की चुनावी जंग इस बार रोचक और तीखी होने जा रही है. पवनी में २० सीटों पर होगा संघर्ष पवनी में नगराध्यक्ष पद के लिए ७ तथा नगरसेवक पद के लिए १२२ प्रत्याशी कुल १२९ उम्मीदवार रेस में हैं. (nagar parishad election 2025) नगराध्यक्ष पद के लिए एक उम्मीदवार ने नामांकन वापस लिया, जिसके बाद ७ उम्मीदवार अंतिम रूप से मैदान में बचे हैं, नगरसेवक की २० सीटों के लिए १२२ उम्मीदवारों मेंकड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा. पवनी की राजनीति इन १२९ प्रत्याशियों की भिड़ंत से पूरी तरह गरमाने वाली है.
तुमसर में बागियों का दबदबा : तुमसर नगर परिषद में नगराध्यक्ष पद के लिए तीन उम्मीदवारों ने नामांकन वापिस लिया, फिर भी ९ उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं. नगरसेवक पद पर १४ उम्मीदवारों की वापसी के बाद भी २०३ प्रत्याशी २५ सीटों के लिए मैदान में डटे हैं. कुल २१२ उम्मीदवार चुनावी अखाड़े में हैं. (nagar parishad election 2025) साकोली में ११६ उम्मीदवार मुकाबले में : साकोली में नगराध्यक्ष पद के लिए एक उम्मीदवार ने नामांकन लौटाया, जिससे ९ उम्मीदवार बच गए हैं. नगरसेवक पद पर ४ ने नामांकन वापस लिया, बावजूद इसके १०७ उम्मीदवार अब भी चुनावी मैदान में हैं. ११६ उम्मीदवारों की मौजूदगी ने साकोली की राजनीतिक जंग को और अधिक रोचक बना दिया है.
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कार्यकर्ताओं की अनदेखी
कार्यकर्ताओं का आरोप है कि लंबे समय से संगठन में सक्रिय और निष्ठापूर्वक कार्यरत सदस्यों की उपेक्षा कर अचानक जुड़े या बाहरी व्यक्तियों को टिकट प्रदान किया गया. इससे कई स्थानीय कार्यकर्ताओं में असुरक्षा और अनदेखी की भावना गहराई है. अब देखना यह होगा कि पार्टी नेतृत्व नाराज कार्यकर्ताओं की मनोदशा को शांत कर पाता है या यह बगावती रुख आगे और गंभीर रूप लेता है. त्यागपत्र सौंपने वाले कार्यकर्ताओं में प्रमुख रूप से अमोल टेंभुर्णे, विजय साखरे, दिलीप निनावे, कृष्णा हुकरे, विशाल गजभिये, सचिन राऊत, सतीश रंगारी, मनोहर भिवगड़े, पराग कोटांगले, दिनेश राऊत, प्रकाश रोकड़े, राजू जुगनाके और वैशाली गजभिये शामिल है. साकोली कांग्रेस में अचानक भड़का यह असंतोष न केवल चुनावी रणनीति को प्रभावित कर सकता है, बल्कि आगामी नगर परिषद चुनाव में पार्टी की स्थिति को भी कमजोर करने की आशंका व्यक्त की जा रही है.
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तुमसर में १४ नगरसेवक उम्मीदवारों के नाम वापस
तुमसर : नगर परिषद चुनाव (nagar parishad election 2025) में पार्षद पद के लिए नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि शुक्रवार को समाप्त हुई. अंतिम दिन कुल १४ उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस ले लिए, जिससे कई प्रभागों में चुनावी समीकरण बदलते दिखाई दे रहे हैं. नाम वापस लेने वाले उम्मीदवारों में प्रभाग १ अ से निखील राजेश कलंबे, प्रभाग २ व से मिर्जा रहमतबी करीमबेग, प्रभाग ३ अ से अनुप बसंत शेंद्रे, प्रभाग ३ व से शेख फरीन नावेद, प्रभाग ४ असे रोशन रामदास घडुले, प्रभाग ५ अ से अमित महेश लांजेवार, प्रभाग ५ ब से छाया सतीशचंद्र मलेवार, तेजस्वी शैलेश मेश्राम, प्रभाग ६ ब से रिता सुरेश निखारे, कल्पना विलास गिलोरकर, प्रभाग ७ ब से सुनिल घनश्याम लांजेवार, प्रभाग ८ ब से वैशाली रुपेश पडोले, प्रभाग ९ ब से शुभम श्रीनिवास मिश्रा, प्रभाग १२ ब से प्रविण मोरेश्वर कहालकर शामिल है. नामांकन वापसी के बाद अब कई प्रभागों में मुकाबला अधिक सीधा होने की संभावना है.
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पार्टी-गुटों में उलझे वोटर
चारों नगर परिषदों में अधिकृत उम्मीदवार, आंतरिक असंतोष, बागी, निर्दलीय, गुट-उपगुट और व्यक्तिगत नेतृत्व-इन सभी ने चुनाव की ‘सरल और सीधा’ होने से रोक दिया है. मतदाताओं के सामने विकल्पों की भरमार है, लेकिन असली सवाल यही है, कौन स्थानीय मुद्दों को वास्तव में हल करेगा? चुनाव की लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है. चुनाव में खड़े प्रत्याशियों ने चुनाव प्रचार तेज कर दिया है. घर-घर जाकर जनसंपर्क बढ़ाने में लगे.
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नामांकन वापसी के दिन भाजपा में गूंजे इस्तीफे :८ पदाधिकारियों ने दिया इस्तीफा
भंडारा : नगर परिषद चुनाव के लिए नामांकन वापसी का अंतिम दिन राजनीतिक चर्चाओं से सरगर्म रहा. नगर परिषद अध्यक्ष पद के लिए किसी भी उम्मीदवार ने नामांकन वापस नहीं लिया, जिससे मुकाबला उसी प्रारूप में कायम है. दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी में इस्तीफों का सिलसिला थमता नहीं दिख रहा है. मंगलवार को पार्टी के ९ महत्वपूर्ण पदाधिकारियों ने अपने पदों से इस्तीफा देकर संगठन में हलचल मचा दी. भाजपा आईटी सेल के जिला संयोजक और प्रभाग ३ के शक्ति केंद्र प्रमुख रोशन काटेखाये ने दो दशक की सक्रिय भूमिका के बाद आयातित नेतृत्व का विरोध जताते हुए इस्तीफा दिया. भंडारा-पवनी विधानसभा प्रभारी अनूप ढोके, व्यापारी आघाड़ी के जिला महामंत्री अतुल वैरागडे, जिला महामंत्री एवं पूर्व पार्षद साधना त्रिवेदी, महिला आघाड़ी की शहर महामंत्री जाया हिंगने, भाजपा शहर महामंत्री अमित बिसने, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मंजिरी पनवेलकर और महिला प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य माला बघमारे ने भी पार्टी छोड़ने की घोषणा की. इससे पहले वनिता कुथे, विकास मदनकर, अर्चना श्रीवास्तव और सुदीप शहारे भी भाजपा से इस्तीफा दे चुके थे. कुल मिलाकर २१ ऐसे पदा?धिकारी हैं जिन्हें टिकट न देकर बाहरी नेताओं को प्राथमिकता दी गई, जिससे असंतोष बढ़ा है. पार्टी छोड़ने वालों में वैरागडे, काटेखाये, हिंगने और कुथे ने शिंदे गुट शिवसेना का दामन थामा है. वहीं अमित बिसने और माला बघमारे राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) में शामिल हुए हैं. ढोके, त्रिवेदी और पनवेलकर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में डटे हैं.

