Election 2025 : आरक्षण को लेकर अटकी नेताओं को सांसे
स्थानीय राजनीति में खलबली : नेताओं का भविष्य आरक्षण पर निर्भर
नागपुर : जिला परिषद की सर्कल संरचना अगले हफ्ते घोषित होने की संभावना है. इसके तुरंत बाद आरक्षण लॉटरी की प्रक्रिया शुरु होगी. जिला परिषद चुनाव में स्थापित नेताओं का राजनीतिक भविष्य अब सीधे आरक्षण पर निर्भर होने से उनकी चिंता बढ़ गई है. जिला परिषद की 57 सर्कलों का मसौदा खाका पहले ही जारी कर दिया गया था, जिस पर कुल 52 आपत्तियां दर्ज की गई थीं. इनमें से केवल चार आपत्तियां मंजूरी की गई हैं. सुनवाई पूरी होने के बाद यह मसौदा राज्य निर्वाचन आयोग को भेजा गया है. अब उम्मीद है कि जिला परिषद की अंतिम सर्कल संरचना अगले सप्ताह घोषित होगी. इसके बाद आरक्षण लॉटरी की प्रक्रिया संपन्न होगी.
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राज्य में स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनावों को गति मिली है. महाराष्ट्र जिला परिषद एवं पंचायत समिति अधिनियम 1961 के अनुसार संशोधित निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाएं तय कर दी गई हैं. पिछले चुनाव की तुलना में इस बार एक सीट कम हो गई है और जिला परिषद के लिए 57 सर्कल सुनिश्चित किए गए हैं. चर्चा है कि इस बार आरक्षण की प्रक्रिया शून्य से शुरु होगी.
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समीकरणों में उलटफेर
नेताओं का राजनीतिक गणित बिगड़ने इन संभावित बदलावों से स्थानीय वाला है. जिन नेताओं ने किसी खास सर्कल को ध्यान में रखकर तैयारी की थी, उन्हें अब नए सर्कल की ओर रुख करना पड़ सकता है. अगर कुछ स्थापित नेताओं के गढ़ में ही आरक्षण आ गया, तो उनके राजनीतिक करियर पर ही प्रश्नचिह्न लग सकता है. राजनीतिक दलों के लिए भी यह स्थिति चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती है. भाजपा, कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस और शिवसेना को अब नए आरक्षण के अनुसार अपने उम्मीदवारों का समीकरण तय करना होगा. वहीं, महिला आरक्षण बढ़ने की स्थिति में राजनीति में नए चेहरे उभरने की प्रबल संभावनाएं हैं.
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नवंबर में चुनाव की संभावना?
आरक्षण को लेकर सूचना और आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी और सुनवाई पूरी होने के बाद अंतिम आरक्षण घोषित किया जाएगा. इसके बाद चुनाव की अधिसूचना जारी होगी. इस पूरी प्रक्रिया में लगभग एक महीने का समय लगने की संभावना है. इसी कारण जिला परिषद का चुनाव नवंबर महीने में होने की संभावना जताई जा रही है.
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नगरपालिका व नगर पंचायतों की प्रभाग रचना घोषित
31 अगस्त तक दर्ज की जा सकेंगी आपत्तियां
नागपुर : राज्य निर्वाचन आयोग ने 2025 के आम चुनावों का बिगुल बजाते हुए नागपुर जिले की नगरपालिकाओं और नगर पंचायतों का प्रभाग रचना कार्यक्रम घोषित किया है. जिले की 14 नगरपालिकाओं और 13 नगर पंचायतों में इस बार जनता अपने मतदान का अधिकार प्रयोग कर सकेगी. 18 अगस्त को प्रभागों की भौगोलिक सीमाएं प्रकाशित की गई हैं और उन पर आपत्तियां व सुझाव दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त है. इसके बाद प्रभाग आरक्षण और अंतिम प्रारूप तय किया जाएगा. नगर परिषदों और नगर पंचायतों में जनसंख्या के आधार पर प्रभाग रचना और आरक्षण किया जाएगा तथा प्रभागों की भौगोलिक सीमाओं की अधिसूचना सोमवार 18 अगस्त 2025 को जारी की गई है. इस पर 31 अगस्त 2025 तक नागरिक, स्थानीय स्वंयसेवी संस्थाएं,
राजनीतिक दल और अन्य हितधारक लिखित रुप में आपत्तियां अथवा सुझाव नगर पालिका और नगर परिषदों के मुख्य अधिकारियों के पास प्रस्तुत कर सकते हैं. आपत्तियां और सुझाव दाखिल करने वालों को सुनवाई के लिए उपस्थित रहने के लिए अलग से सूचित किया जाएगा. गोधनी और बेसा-पिपला इन दो क्षेत्रों में नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद पहली बार चुनाव होने जा रहे हैं.
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इन नगर पालिकाओं में होंगे चुनाव
कामठी, उमरेड, वाड़ी, काटोल, रामटेक, खापा, सावनेर, कलमेश्वर, नरखेड़, मोहपा, मोवाड, वानाडोंगरी, बूटीबोरी, कन्हान पिपरी
नगर पंचायत : भिवापुर, कुही, महादुला, मौदा, पारशिवनी, कांद्री (कन्हान), बेसा पिपला, बहादुरा, निलडोह, कोंढाली, बिड़गांव तरोडी, गोधनी, येरखेड़ा

