मुख्य चुनाव आयुक्त पर देशद्रोह का मामला दर्ज करें; ‘वोट चोरी’ के विरोध में गोंदिया जिला कांग्रेस का हल्लाबोल
सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने निकाला विशाल मोर्चा : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त कर जेल भेजने की मांग, उपविभागीय अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया की आड़ में देश भर के करोड़ों वैध मतदाताओं के नाम अवैध रूप से काटकर खुलेआम ‘वोट चोरी’ किए जाने का गंभीर आरोप गोंदिया जिला कांग्रेस कमेटी ने लगाया है। इस पूरे षड्यंत्र के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल सेवा से बर्खास्त कर उन पर देशद्रोह का अपराध दर्ज कर गिरफ्तार किया जाए, इस मांग को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से विशाल मोर्चा निकालकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान उपविभागीय अधिकारी के माध्यम से देश की राष्ट्रपति को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और निष्पक्ष व पारदर्शी चुनाव संपन्न कराना चुनाव आयोग का संवैधानिक दायित्व है। लेकिन, पिछले कुछ वर्षों से स्वायत्त संस्था चुनाव आयोग केंद्र की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के हाथों की कठपुतली बन गया है। चुनावों में सीधी ‘मैच फिक्सिंग’ कर सत्ताधारियों को गैरकानूनी फायदा पहुंचाने का काम आयोग द्वारा सुनियोजित तरीके से किया जा रहा है। सहयोगियों को अंधेरे में रखकर मनमाने फैसले लेने का आरोपज्ञानेश कुमार द्वारा अपने सहयोगी चुनाव आयुक्तों को अंधेरे में रखकर तानाशाही तरीके से एकतरफा फैसले लिए जाने का बड़ा खुलासा हुआ है। चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी द्वारा ज्ञानेश कुमार के मनमाने कामकाज पर पिछले १० महीनों में १४ बार आधिकारिक रूप से कड़े आक्षेप दर्ज कराए जाने का चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। सॉफ्टवेयर प्रणाली का संदिग्ध केंद्रीयकरण कर सहयोगियों को बताए बिना मनमर्जी से निर्णय लिए गए। महाराष्ट्र से ३ करोड़, देशभर से १३ करोड़ मतदाताओं के नाम गायब करने का दावाआयोग की कार्यप्रणाली के कारण पश्चिम बंगाल में १२ लाख और बिहार में लाखों मतदाताओं के नाम काटे गए, जबकि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव २०२४ के दौरान लगभग ४७ लाख बोगस मतदाताओं को जोड़ा गया था। अब नई पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत अकेले महाराष्ट्र से ३ करोड़ से अधिक तथा पूरे देश से करीब १३ करोड़ वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से गायब करने का सनसनीखेज दावा ज्ञापन में किया गया है। सत्ताधारी दल को अनुचित लाभ दिलाने के लिए चुनाव प्रणाली को हाईजैक करने का यह कृत्य सीधे तौर पर देशद्रोह है। लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए ज्ञानेश कुमार को पद से बर्खास्त कर तुरंत जेल में डालना आवश्यक है, यह मांग कांग्रेस ने उठाई। आंदोलन में प्रमुख नेताओं की रही मौजूदगीइस विशाल मोर्चे और आंदोलन में सांसद डॉ. प्रशांत पडोले, पूर्व विधायक गोपालदास अग्रवाल, शहराध्यक्ष सचिन शेंडे, अशोक गुप्ता, रमेश अंबुले, पी. जी. कटरे, जितेंद्र कटरे, तेजराम बिसेन, जहीरभाई अहमद, अमर राहुल, सुनील भालेराव, मलेशाम येरोला, जितेश राणे, विकास राऊत, राजकुमार पटले, जिला कांग्रेस अध्यक्ष अमर वराडे, डॉ. रूपसिंग बघेले सहित कांग्रेस के अनेक आजी-माजी जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी तथा सैकड़ों कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

