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बाघिन का बफर क्षेत्र में मुक्त विचरण

बोर व्याघ्र प्रकल्प के कोर क्षेत्र में निसर्गमुक्त की गई, कोर क्षेत्र नहीं आ रहा रास
वर्धा.
समुद्रपुर तहसील के गिरड-खुर्सापार क्षेत्र से पिंजरे में कैद की गई बाघिन को करीब 15 दिन पहले सेलू तहसील के बोर व्याघ्र प्रकल्प के कोर क्षेत्र में निसर्गमुक्त किया गया था. कुछ दिनों तक कोर क्षेत्र में विचरण करने के बाद यह युवा बाघिन अब बोर के बफर क्षेत्र में पहुंच गई है. फिलहाल वह बफर क्षेत्र के सालई (कला) परिसर में मुक्त विचरण कर रही है. इसके चलते वन्यजीव प्रेमियों में चर्चा है कि युवा बाघिन को बोर का कोर क्षेत्र रास नहीं आया.
समुद्रपुर तहसील के गिरड-खुर्सापार क्षेत्र में कुछ वर्ष पहले टीएफ-1 नामक बाघिन ने चार शावकों को जन्म दिया था. इनमें से एक शावक की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी. इसके बाद टीएफ-1 ने अपने शेष तीन शावकों को शिकार करने का प्रशिक्षण दिया. धीरे-धीरे ये तीनों शावक अपनी मां से अलग होने लगे और खेतों तक पहुंचकर पालतू पशुओं का शिकार करने लगे. इससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका बढ़ गई थी. मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर टीएफ-1 के शावकों को पिंजराबंद करने के लिए अभियान चलाया गया. शुरुआत में वन विभाग ने एक-एक कर दो शावकों को बेहोश कर पिंजरे में बंद किया. इसके बाद जुलाई महीने में टीएफ 1 की तीसरी मादा शावक को भी बेहोश कर पिंजरे में कैद किया गया. कुछ दिनों तक निगरानी में रखने के बाद इस युवा बाघिन को निसर्गमुक्त करने का निर्णय लिया गया. इसके बाद करीब 15 दिन पहले उसे बोर व्याघ्र प्रकल्प के कोर क्षेत्र में छोड़ा गया. निसर्गमुक्त किए जाने के बाद शुरुआती दिनों में बाघिन की गतिविधियां बोर के कोर क्षेत्र तक ही सीमित थीं. इसके बाद उसने कोर क्षेत्र छोड़कर सीधे बफर क्षेत्र में प्रवेश किया. वर्तमान में वह बोर व्याघ्र प्रकल्प के बफर क्षेत्र में आने वाले सालई (कला) परिसर में घूम रही है. वन्यजीव विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उसकी प्रत्येक गतिविधि पर नजर रख रहे हैं.
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बोर परियोजन में बाघों की संख्या बढ़ाने की योजना पर दिया जा रहा जोर
टीएफ-1 की मादा शावक को बोर के कोर क्षेत्र में निसर्गमुक्त करने के पीछे बाघों की संख्या बढ़ाने की योजना भी बताई जा रही है. यह बाधिन बोर व्याघ्र प्रकल्प में मौजूद बाघों की तुलना में अलग वंश परंपरा और कुल की है. दूसरी ओर बोर की बाधिन बीटीआर-3 कैटरिना के दो नर शावक भी वर्तमान में अपनी मां से अलग होने की अवस्था में है. इन दोनों नर शावकों और निसर्गमुक्त की गई मादा बाधिन की उम्र में अधिक अंतर नहीं है. आगामी समय में इनके बीच मेल होने से बोर व्याघ्र प्रकल्प में बाघों की संख्या बढ़ने की संभावना को ध्यान में रखते हुए टीएफ-1 की मादा शावक को कोर क्षेत्र में निसर्गमुक्त किए जाने की चर्चा है.

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