chain pulling in train : “अनावश्यक जंजीर खींचना – रेलगाड़ियों की समयबद्धता और यात्रियों की सुरक्षा पर खतरा”
गोंदिया : भारतीय रेल आज के परिवेश में जन-जन की जीवन रेखा है और प्रतिदिन लाखों यात्री सुरक्षित एवं समय पर अपने गंतव्य तक पहुँचने के लिए इस पर निर्भर रहते हैं। किंतु कुछ यात्री बिना किसी उचित कारण के ट्रेन की जंजीर खींचकर गाड़ियों को रोकते हैं, जिससे न केवल रेलगाड़ियों का समयबद्ध परिचालन प्रभावित होता है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और बहुमूल्य समय भी खतरे में पड़ता है।
रेलवे सुरक्षा बल, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, नागपुर मंडल ने इस समस्या पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। मंडल सुरक्षा आयुक्त श्री दीप चन्द्र आर्य के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत ऐसे यात्रियों पर सख्त कानूनी कार्यवाही की जा रही है। वर्ष 2024 में ही धारा 141 रेलवे अधिनियम के अंतर्गत 847 मामलों में 834 व्यक्तियों को गिरफ्तार कर 3,50,195/- का जुर्माना वसूला गया। वहीं वर्ष 2025 में अब तक 719 मामलों में 683 व्यक्तियों पर कार्रवाई कर 1,26,230/- का जुर्माना वसूला गया है। अदालतें भी दोषियों पर न केवल जुर्माना लगा रही हैं बल्कि ट्रेन की अतिरिक्त देरी के समय के हिसाब से भी भारी जुर्माना वसूल रही हैं। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि धारा 141 रेलवे अधिनियम के अनुसार बिना कारण जंजीर खींचना एक कानूनी अपराध है। दोषी पाए जाने पर एक वर्ष तक की कारावास, 1000 तक का जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है। यह न केवल कानूनन अपराध है बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी गंभीर बुराई है।
इस प्रकार की घटनाओं से मरीज समय पर अस्पताल नहीं पहुँच पाते, परीक्षार्थी परीक्षा केन्द्र तक देर से पहुँचते हैं, यात्रियों की सुरक्षा व जान-माल को खतरा रहता है, चोरी, जैसी घटनाओं को भी बढ़ावा मिलता है। रेलवे प्रशासन की अपील अनावश्यक रूप से जंजीर न खींचें और दूसरों को भी ऐसा करने से रोकें। यदि कोई यात्री ऐसा करता है तो तुरंत रेलवे सुरक्षा बल/रेल प्रशासन को सूचना दें। अपने परिवार, परिचितों और समाज में जागरूकता फैलाएँ ताकि ऐसे अपराधों पर रोक लग सके। भारतीय रेल सभी से सहयोग की अपेक्षा करती है ताकि हर यात्री अपनी मंज़िल पर सुरक्षित और समय पर पहुँच सके।

