Rakshabandhan 2025; रक्षाबंधन पर ९५ साल बाद बन रहा महासंयोग
चार साल बाद नहीं होगा भद्रा का साया
नागपुर : बहन और भाई के प्यार का त्यौहार रक्षाबंधन (rakshabandhan) इस बार भद्रा मुक्त होगा, क्योंकि भद्रा की तिथि एक दिन पहले ही समाप्त हो जाएगी. इसके अलावा इस साल रक्षाबंधन पर महासंयोग बन रहा है. यह महासंयोग लगभग ९५ साल बाद बनने से रक्षाबंधन का यह त्यौहार और भी खास बन रहा है.
पूर्णिमा तिथि ८ अगस्त को सुबह ११ बजकर ५९ मिनट से प्रारंभ हो रही है और ९ अगस्त को दोपहर १ बजकर १३ मिनट पर समाप्त हो रही है. इसीलिए लोगों में रक्षाबंधन के पर्व को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई थी. लेकिन ९ अगस्त को पूर्णिमा तिथि सूर्योदय व्यापिनी होने के कारण रक्षाबंधन का त्यौहार ९ अगस्त को मनाया जाएगा. उन्होंने बताया कि इस बार लगभग ९५ साल बाद रक्षाबंधन पर महासंयोग बन रहा है. इस बार रक्षाबंधन (rakshabandhan) पर सौभाग्य योग, सर्वार्थसिद्धि योग और शोभन योग बन रहा है. १९३० में शनिवार ९ अगस्त के को राखी का त्यौहार मनाया गया था. इस दिन पूर्णिमा पूर्णिमा तिथि की दोपहर २ बजकर ७ मिनट पर प्रारंभहुई थी. सौभाग्य योग का संयोग १० अगस्त को सुबह ५.२१ मिनट पर हुआ था. श्रवण नक्षत्र शाम ४.४१ मिनट तक था. यानी ९५ साल बाद राखी का त्यौहार समान दिन एवं समय, नक्षत्र और योग में मनाया जाएगा.
एक दिन पहले ही समाप्त हो जाएगा भद्रा: पं. तिवारी के अनुसार पिछले चार सालों से रक्षाबंधन पर भद्रा का साया होता था. लेकिन इस बार रक्षाबंधन का पवित्र त्यौहार भद्रा मुक्त रहेगा. क्योंकि भद्रा ८ अगस्त को दोपहर १ बजकर १५ मिनट से रात्रि १.२५ मिनट तक रहेगा.

रक्षाबंधन (rakshabandhan) पर शुभ मुहूर्त
रक्षाबंधन पर शनिवार ९ अगस्त को प्रातः ५ बजकर ३२ मिनट से दोपहर ३ बजकर १९ मिनट तक सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा. इसके अलावा सूर्योदय से संपूर्ण दिन शोभन योग और दोपहर ३ बजकर १९ मिनट से श्रवण नक्षत्र योग प्रारंभहो रहा है. इसके अलावा भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधने के लिए प्रातः ५ बजकर २९ मिनट से प्रातः ८ बजकर ५० मिनट तक श्रेष्ठ मुहूर्त है. इसके बाद दोपहर १ बजकर ३० मिनट से ४ बजकर ५० मिनट तक अमृत मुहूर्त होगा. शाम ६ बजकर २५ मिनट से रात्रि ७ बजकर ५५ मिनट तक लाभ मुहूर्त रहेगा.

