मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने अल्पकालिक पाठ्यक्रमों की समीक्षा की
उद्योगों की जरूरत के अनुसार नए कोर्स प्रारंभ करें
चंद्रपुर : कौशल, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने जोर देकर कहा कि स्थानीय उद्योगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में नए, उद्योग-उन्मुख पाठ्यक्रम शुरु किए जाने चाहिए. वे जिला योजना भवन में आयोजित एक विशेष समीक्षा बैठक में बोल रहे थे. इसमें व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण अधिकारी कार्यालय और जिला कौशल विकास, रोजगार एवं उद्यमिता मार्गदर्शन केंद्र द्वारा संयुक्त रुप से आयोजित अल्पकालिक पाठ्यक्रमों के कार्यान्वयन के संबंध में चर्चा की गई.
मंत्री लोढ़ा ने कहा कि अल्पकालिक पाठ्यक्रम युवाओं को तत्काल रोजगार के अवसर प्रदान करते हैं. आईटीआई का मुख्य उद्देश्य स्थानीय कारखानों और उद्योगों द्वारा आवश्यक प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना होना चाहिए. इसके लिए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों के बीच निरंतर और सकारात्मक संवाद आवश्यक है. इस बैठक में व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण निदेशालय की निदेशक माधवी सरदेशमुख, जिलाधिकार विनय गौड़ा जी.सी. गोंडवाना विश्वविद्यालय के प्रो कुलपति डॉ. राम कावले, राज्य नवाचार समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. श्रीकांत पाटिल, संयुक्त निदेशक पी.टी.देवतले, उपायुक्त प्रकाश देशमाने, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी कल्पना क्षीरसागर, जिला व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण अधिकारी वैभव बोंगीरवार, सहायक आयुक्त अनीसा तड़वी और अन्य उपस्थित थे.
औद्योगिक प्रतिष्ठानों और आईएमसी सदस्यों का सहयोग आवश्यक
प्रो. मनीष उत्तरवार ने गोंडवाना विश्वविद्यालय की ओर से कौशल विकास पहलों के बारे में जानकारी दी. डॉ. श्रीकांत पाटिल ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के बारे में जानकारी प्रदान की. वैभव बोंगीरवार ने चंद्रपुर जिले की कौशल विकास समीक्षा प्रस्तुत की और प्रधानाचार्य चौधरी ने गढ़चिरोली जिले की समीक्षा प्रस्तुत की. निदेशक माधवी सरदेशमुख ने दोनों जिलों में अल्पकालिक पाठ्यक्रमों के संचालन के बारे में मार्गदर्शन देते हुए आईएमसी सदस्यों से चर्चा की और कहा कि औद्योगिक प्रतिष्ठानों और आईएमसी सदस्यों का सहयोग आवश्यक है.

