LatestNewsगोंदियाविदर्भ

गोंडवानारत्न सुन्हेरसिंह ताराम के स्मृति दिवस पर धनेगांव मे हुआ साहित्य सरिता कार्यक्रम

कविसम्मेलन में दूर दराज से आए कवियों ने की सहभागिता

गोंदिया : गोंडवानारत्न सुन्हेरसिंह जी ताराम संपादक संस्थापक गोंडवाना दर्शन के ७ वे स्मरण दिवस पर दि.७ नवम्बर को दोपहर में साहित्य सरिता” के अंतर्गत कवि सम्मेलन का यादगार कार्यक्रम धनेगांव (कचारगढ़) उनके निवास एवं समाधि स्थल के पास किया गया जो शानदार और ऊर्जावान रहा।कार्यक्रम के उद्घाटक मा भरतलाल कोराम जेष्ठ साहित्यकार इतिहास भाषा संस्कृति के प्रखर अभ्यासक थे।अध्यक्षता वरिष्ठ कवि पत्रकार और साहित्यकार माणिक गेडाम ने की। आरंभ मे स्व. सुन्हेरसिंह ताराम जी की समाधि पर सभी अतिथियों एवं कवि साहित्यकारों ने पुष्पांजलि एवं दो मिनट की मौन श्रद्धांजलि अर्पित की। कविसंमेलन की अध्यक्ष सुप्रसिद्ध साहित्यकार नागपुर की प्रा विजया मारोतकर थी। विशेष अतिथि जे एन यु दिल्ली से शोधछात्रा प्रज्ञा रंजन,नागपुर के ज्ञानेश्वर रक्षक, जी. आर. मड़ावी, रायपुर से सोनुराम नेताम, रामदास पाटील थे।दिल्ली,इंदोर,भोपाल नांदेड,नागपुर, चंद्रपूर ,रायपुर, भानेगांव एवं गोंदिया से ३५ साहित्यकार- कवियों ने सहभागिता कर स्व.ताराम जी को साहित्य सुमन व श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने स्व. ताराम जी की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए उन्हें गोंडवाना दर्शन पत्रिका के माध्यम से गोंडवाना इतिहास एवं समाज को सामने लाने वाला जहाँ मसीहा निरुपित किया वहीं कचारगढ़ के महत्व को सभी के समक्ष लाने हेतु उनके योगदान की प्रशंसा की। सभी अतिथियों को पीला दुपट्टा एवं सम्मान पत्र तथा पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया गया। भोजनोपरांत दूसरे चरण में भव्य कवि सम्मेलन का शुभारंभ दोपहर २ ०० बजे वरिष्ठ कवि प्रसिद्ध गीतकार श्री शशि तिवारी के मधुर स्वरों में माँ शारदा की वंदना से हुआ। संचालन का कुशल दायित्व निर्वाह करते हुए वरिष्ठ कवि श्री छगन पंचे छगन ने कवि सम्मेलन मे रोचकता निर्माण की एवं कवि कवयित्रियों को शानदार भूमिका के साथ आमंत्रित किया। कवियों में सर्वश्री शशि तिवारी,माणिक गेडाम, नागोराव सोनकुसरे ,रमेश शर्मा, प्रकाश मिश्रा,सविता बेदरकर,स्मिता किडीले,प्रणोती कळमकर, रामराव चोपडे, कृष्णकुमार मिश्रा, रुपचंद जुम्हारे, मनोज बोरकर मुसव्विर,निखिलेशसिंह यादव, संजय बिसेन,चन्द्रप्रकाश बनकर,संतोष सिंह नैकाने,भोजराज कोकोडे,सुनिंद्र मेश्राम, छाया ब्रम्हवंशी, शालु कृपाले,नथ्थु उईके,चिरंजीव बिसेन, नंदकिशोर नेताम, मदन कुरचाम, विनोद आत्राम,रेखा निखिल, सुनिता रामटेके, ऊषाकिरण आत्राम, आदि ने सामाजिक विद्रूपताओं, बेरोजगारी,महंगाई,देशभक्ति, संविधान,, प्रकृति, किसानों की पीड़ा,आदि विषयों पर सुंदर, मार्मिक, गंभीर और विचारणीय कविताओं से श्रोताओं को ५ घंटे तक आनंदित किया । सभी कविताओं पर समीक्षात्मक टिप्पणी अध्यक्ष विजयाताई मारोतकर ने अत्यंत सुंदर भावगर्भित शब्दों में प्रस्तुत की। संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन नंदकिशोर नेताम ने व आभार संयोजिका ऊषाकिरण आत्राम ताराम व मदन कुरचाम ने प्रदर्शित किया।सभी कवियों को सम्मान पत्र व पुस्तक भेंट कर स्व. तारामजी की धर्म पत्नी,संयोजिका, प्रसिद्ध कवयित्री एवं गोंडवाना दर्शन की संपादिका ऊषाकिरण ताराम आत्राम ने सम्मानित किया।बड़ी संख्या में श्रोता उपस्थित थे। सामूहिक राष्ट्रगीत से कार्यक्रम का समापन हुआ।कार्यक्रम की सफलता में रमेश कासा विनोद नेवारे,भूषण उईके, प्रतिभा नेवारे, बाली चुटे का सराहनीय योगदान रहा। प्रकाशनार्थ☝🏻

Spread the News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *