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MSEB: निजीकरण के विरोध में 598 बिजली कर्मचारी गए हड़ताल

भंडारा : महाराष्ट्र राज्य विद्युत कर्मचारी, अभियंता एवं अधिकारी कार्य समिति द्वारा तीन दिवसीय यानी 72 घंटे की राज्यव्यापी हड़ताल गुरुवार 9 अक्टूबर से शुरू की गई। कर्मचारी संगठन द्वारा बिजली विभाग का निजीकरण का विरोध कर रिक्त पद भरने की मांग की गई। जिले के (MSEB ) लगभग 598 बिजली कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल हुए हैं। भंडारा महावितरण कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन, धरना और प्रदर्शन जारी हैं।

यह हड़ताल 11 अक्टूबर तक तीन दिनों तक चलेगी। संगठन (MSEB ) महावितरण कंपनी के लाभ वाले क्षेत्रों में अदानी और टोरेंट जैसे निजी पूंजीपतियों को बिजली वितरण लाइसेंस देने का कड़ा विरोध कर रहे हैं। तीनों बिजली कंपनियों-महावितरण, महापारेषण और महानिर्मित में पुनर्गठन, कर्मचारियों की संख्या में कमी और ठेकेदारी प्रथा के बढ़ने से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ा है। 329 बिजली उपकेंद्रों को निजी ठेकेदारों को देने का निर्णय, महानिर्मित के चार जलविद्युत स्टेशनों का निजीकरण, महापारेषण की 200 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को निजी कंपनियों को देने और पारेषण कंपनी को शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया का कड़ा विरोध किया गया है। (MSEB ) महाराष्ट्र राज्य पिछड़ा वर्ग विद्युत कर्मचारी संघ, महाराष्ट्र राज्य विद्युत श्रमिक महासंघ, महाराष्ट्र विद्युत श्रमिक महासंघ, अधीनस्थ अभियंता संघ, महाराष्ट्र विद्युत श्रमिक कांग्रेस (इंटक), महाराष्ट्र स्वाभिमानी विद्युत श्रमिक संघ और तकनीकी श्रमिक संघ जैसे प्रमुख संगठन इस हड़ताल में शामिल हैं।

हड़ताल का कारण : कार्य समिति के अनुसार, यह हड़ताल किसी वित्तीय मांग के लिए नहीं है, बल्कि बिजली उपभोक्ताओं को उचित, शीघ्र और कुशल सेवा प्रदान करने और सार्वजनिक बिजली उद्योग की सुरक्षा के लिए है। 2021 में राज्य में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या 2 करोड़ 89 लाख थी, जो 2025 में बढ़कर 3 करोड़ 17 लाख हो गई है। बढ़ी हुई उपभोक्ताओं की संख्या के अनुपात में उपखंडों की संख्या केवल 648 है और मंजूर कर्मचारियों की संख्या 81,900 है। इनमें से कई पद अभी भी रिक्त हैं और ठेके पर काम चल रहा है। परिणामस्वरूप, मौजूदा कर्मचारियों पर काम का बोझ बढ़ गया है,जिससे ग्राहक सेवा में कठिनाई आ रही है।

चर्चा के विफल: 6 अक्टूबर को ऊर्जा विभागके वरिष्ठ अधिकारियों और (MSEB ) महावितरण प्रबंधन के बीच चर्चा हुई थी। इसके विफलता के बाद कार्य समिति ने 9 अक्टूबर से 72 घंटे की हड़ताल शुरू करने का निर्णय लिया। इस हड़ताल को राज्य भर में व्यापक समर्थन मिल रहा है। लगभग 85 हजार कर्मचारी, इंजीनियर और अधिकारी हड़ताल में शामिल हुए हैं। भंडारा जिले में आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है और बिजली कर्मचारियों ने सरकार से जनहित में तत्काल सकारात्मक रुख अपनाने की अपेक्षा व्यक्त की है।

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