वनराज के दीदार के लिए उमरेड-पवनी-करांडला अभयारण्य पर्यटकों से गुलजार
बाघ नजर आने से खिंचे चले आ रहे पर्यटक
पवनी (भंडारा) (bhandara) : उमरेड-पवनी-करांडला अभयारण्य इन दिनों पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गया है। गोठनगांव, करांडला गेट पर सफारी बुकिंग्स लगातार फुल चल रही हैं। पवनी गेट की सफारी अब पर्यटकों की पहली पसंद बन गई है, खासकर वन्यजीव प्रेमियों के लिए। पिछले एक सप्ताह से इस क्षेत्र में बाघ का पूरा कुनबा दिखाई दे रहा है, जिससे पर्यटकों में खुशी और उत्साह की लहर दौड़ गई है। पवनी गेट से सफारी करने वाले पर्यटक विशेष रूप से एन 4 नर बाघ और टी 20 शैडा बाघिन को देखने के लिए आकर्षित हो रहे हैं। इस बाघ जोड़े के दो शावक भी हैं, जो कभी-कभी अकेले और कभी माता-पिता के साथ दिखाई देते हैं। इस तरह पर्यटक पूरे कुनबे को एक साथ देखने का अवसर पा रहे हैं। जंगल सफारी के दौरान पर्यटक सबसे पहले बाघ को ढूंढते हैं, लेकिन अक्सर उन्हें निराशा का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद पवनी गेट की सफारी पर्यटकों को लंबे समय तक बाघ दर्शन का अनुभव प्रदान कर खुशी और उत्साह बढ़ा रही है। वन्यप्रेमी और भंडारा के पर्यटक दिपेंद्र गोस्वामी ने गुरुवार को पवनी गेट से सफारी की और बताया कि उन्हें एन 4 और टी 20 बाघ साफ दिखाई दिए। बाघ ने पर्यटकों को देख भी बिना किसी हिचकिचाहट के अपने स्वाभाविक व्यवहार में व्यस्त रहते हुए दर्शन दिए। लंबे समय तक बाघों को देखने से विशेष रूप से बच्चों और परिवारों को सफारी का पूरा आनंद मिला। वन विभाग का कहना है कि पवनी गेट की सफारी क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण और पर्यटकों को वन्यजीवन के करीब लाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुकी है। आने वाले दिनों में यहां और अधिक पर्यटक आकर्षित होने की संभावना है।

